नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। अदालत ने मंगलवार को इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संदिग्ध शीर्ष आतंकी यासीन भटकल व अन्य के खिलाफ आतंकवाद के चार मामलों में आरोप तय करने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि वह 2010 के जामा मस्जिद हमले व 2008 के श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों से जुड़े दो अन्य मामलों में एक अगस्त को आदेश देंगे।
भटकल उसके सहयोगी असदुल्ला अख्तर व दूसरे आईएम संचालक कई आतंकी मामलों में मुकदमों का सामना कर रहे हैं। इसमें 2010 का जामा मस्जिद हमला और 2008 के श्रंखलाबद्ध विस्फोट भी शामिल हैं।
पुलिस ने कहा कि पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद के प्रवेश द्वार पर दो बाइक सवारों ने 19 सितंबर, 2010 को पर्यटकों पर गोलियां बरसाई थीं। इसमें दो ताइवानी पर्यटक घायल हुए थे। साथ ही इस इलाके में कार में लगाए गए एक बम से विस्फोट हुआ।
पुलिस ने आईएम मॉड्यूल के सह संस्थापक यासीन भटकल, इसके प्रमुख रियाज भटकल व इकबाल भटकल सहित कई लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या के प्रयास, जानबूझकर हानि पहुंचाने, आपराधिक साजिश जैसी धाराओं और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) और शस्त्र अधिनियम से संबंधित कुछ धाराओं के तहत मामले दर्ज किए।
अब तक पुलिस ने मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, रियाज भटकल और इकबाल भटकल फरार हैं।
अदालत दो बम विस्फोट- करोल बाग और ग्रेटर कैलाश के एम. ब्लाक मार्केट- के मामलों में भी फैसला सुनाएगी।
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