हैदराबाद, 22 जुलाई (आईएएनएस)। दिग्गज फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने तेलंगाना के मद्य निषेध एवं आबाकारी विभाग पर टॉलीवुड की हस्तियों को मादक पदार्थ मामले में निशाना बनााने का आरोप लगाया है। लेकिन एक शीर्ष अधिकारी ने निर्देशक के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
अपने विवादास्पद बयानों के लिए चर्चित राम गोपाल वर्मा ने कहा कि विभाग अपनी मौजूदगी का अहसास कराने के लिए फिल्म जगत का उपयोग कर रहा है।
उन्होंने इस पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि ड्रग का सेवन करने वाले स्कूली बच्चों से भी विशेष जांच दल(एसआईटी) फिल्मी हस्तियों की तरह घंटों पूछताछ करेगी।
राम गोपाल ने एक फेसबुक पोस्ट पर लिखा, “मुझे बहुत आश्चर्य है कि क्या ड्रग का सेवन करने वाले स्कूली बच्चों को भी एसआईटी सम्मन करेगी और उनसे भी ठीक उसी तरह 12 घंटे पूछताछ करेगी, जैसा कि पुरी जगन और सुब्बा राजू.. के साथ कर रही है। बस पूछ रहा हूं?”
फिल्म निर्देशक की इन टिप्पणियों की कई लोगों ने आलोचना की है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं।
‘सत्या’ फिल्म के निर्देशक की टिप्पणियों की निंदा करते हुए मद्य निषेध एवं आबाकारी विभाग के आयुक्त आर. चंद्रवदन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग सार्वजनिक रूप से नकारात्मक टिप्पणियां कर रहे हैं, जो अधिकारियों का मनोबल गिराने वाली हैं।
एसआईटी ने टॉलीवुड की दर्जनों हस्तियों को पूछताछ के लिए सम्मन जारी किया था। इनमें निर्देशक पुरी जगन्नाध, सिनेमेटोग्राफर श्याम के. नायडू और अभिनेता सुब्बाराजू से तीन दिनों तक पूछताछ की गई। अभिनेता तरुण से शनिवार को सवाल जबाव किए गए।
टॉलीवुड फिल्म जगत की कई हस्तियों से आबाकारी विभाग द्वारा पूछताछ की गई है कि क्या वे मादक पदार्थो का सेवन करते हैं या इस मामले में गिरफ्तार अपराधियों से उनका किसी प्रकार का संबंध है।
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