नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री टी. शनमुगरत्नम ने ‘दिल्ली इकॉनमिक कान्क्लेव 2017’ में शनिवार को नागपुर की कंपनी की पानी बचाने की पहल की सराहना की।
विश्वराज इंफ्रास्ट्रकर के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरुण लखानी ने एक बयान में कहा, “हम सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री के आभारी है, जिन्होंने सरकार के साथ मिलकर की गई पानी बचाने की हमारी पहल की सराहना की है। हमें बेहद खुशी है कि हमारा विजन और सिंगापुर के प्रधानमंत्री का विजन भी एक जैसा है।
‘दिल्ली इकॉनमिक कान्क्लेव 2017’ का उद्घाटन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किया, जहां सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री टी. शनमुगरत्नम ने सरकार और निजी कंपनी की इस संयुक्त पहल की सराहना की।
लखानी ने कहा, “हमें इस बात की खुशी है कि हमारे प्रयासों और कार्यो की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। ये सराहना न केवल हमारे लिए प्रोत्साहित करती है बल्कि नागपुर के सभी लोगों को भी प्रोत्साहित करती है, जो शहर में चौबीसो घंटे पानी उपलब्ध कराने के अभियान में शामिल हैं, जो एक सपने के सच होने जैसा है।”
लखानी ने आगे कहा, “आज समय की जरूरत है कि हम अन्य शहरों भी पीपीपी (सार्वजनिक निजी भागीदारी) के मॉडल लागू कर पानी की बरबादी रोकें। खासतौर से स्मार्ट सिटी के लिए इस प्रकार के प्लेटफार्मो को बढ़ावा देना चाहिए।”
नागपुर देश का पहला शहर है जहां पानी की आपूर्ति के लिए सरकार ने निजी कंपनी के साथ मिलकर पीपीपी परियोजना शुरू की है। इससे पानी की बरबादी 50 फीसदी तक घटाने में सफलता मिली है। पहले नागपुर में कुल 52 फीसदी पानी बरबाद हो जाता था, जिसमें से 30 फीसदी तक पानी आपूर्ति के दौरान बरबाद होता था। इसके बाद नागपुर नगर निगम ने ऑरेंज सिटी वॉटर प्रा. लि. के साथ मिलकर 24गुणा7 पानी की आपूर्ति योजना की शुरुआत की। यह योजना पीपीपी के आधार पर चलाई गई थी, जहां निर्णय लेने का अधिकार सरकारी अधिकारियों के पास तथा लागू करने की जिम्मेदारी निजी भागीदार की थी।
ऑरेंज सिटी वॉटर प्रा. लि. विश्वराज इनवायर्नमेंट और वोलिया वाटर इंडिया प्रा. लि. की संयुक्त उद्यम कंपनी है।
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