कानून बनाने से पहले गहन समीक्षा व बहस हो : मुखर्जी

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने रविवार को कहा कि कानून बनाने से पहले उसकी गहन जांच-परख होनी चाहिए और उस पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।

बतौर राष्ट्रपति 25 जुलाई को पद छोड़ने जा रहे मुखर्जी ने संसद के सेंट्रल हाल में अपने विदाई समारोह में इस बात को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया कि कानून बनाने के मामले में संसद में दिया जाने वाला समय लगातार घटता जा रहा है।

मुखर्जी ने कहा, “प्रशासनिक जटिलताओं के मद्देनजर, कानून बनाने की प्रक्रिया गहन जांच पड़ताल और विचार-विमर्श वाली होनी चाहिए। समितियों में समीक्षा, सदन में खुले में होने वाली बहस का विकल्प नहीं हो सकती।”

उन्होंने कहा कि जब संसद कानून बनाने में अपनी भूमिका का निर्वाह नहीं कर पाती या बिना बहस के कानून बना देती है तो ‘वह लोगों द्वारा उसे दिए गए विश्वास को तोड़ देती है।’

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