अगरतला, 27 जुलाई (आईएएनएस)। सरकारी कंपनी ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरशन) ने त्रिपुरा में गैस खोजबीन की गतिविधियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि एक उर्वरक संयंत्र स्थापित किया जा सके और बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी हो।
अगरतला, 27 जुलाई (आईएएनएस)। सरकारी कंपनी ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरशन) ने त्रिपुरा में गैस खोजबीन की गतिविधियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि एक उर्वरक संयंत्र स्थापित किया जा सके और बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी हो।
ओएनजीसी के कार्यकारी निदेशक एस. सी. सोनी ने यहां मीडिया से बुधवार की रात कहा, “वर्तमान में यहां ड्रिलिंग रिग की संख्या 7 है और जल्द ही एक और ड्रिलिंग रिग शुरू किया जाएगा, ताकि त्रिपुरा में गैस अन्वेषण तेज हो।”
उन्होंने कहा, “पिछले साल सिंतबर तक त्रिपुरा में केवल 3 ड्रिलिंग रिग्स थे। सात रिग्स में से 4 ओएनजीसी के स्वामित्व में है, जबकि तीन किराए पर लिया गया है।”
सोनी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य 2018 के मध्य तक 5 एमएमएससीएमडी (मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर रोजाना) गैस उत्खनन का लक्ष्य रखा है, जबकि ‘महारत्न’ कंपनी की क्षमता 76 कुओं से 4.3-4.5 एमएमएससी एमडी गैस उत्खनन की है।
उन्होंने कहा, “उत्तरी त्रिपुरा में एक उर्वरक संयंत्र को स्थापित करने और बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी करने के लिए अतिरिक्त गैस का उत्खनन किया जाएगा।”
ओएनजीसी 5,000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तरी त्रिुपरा में राज्य सरकार और राजस्थान की कंपनी चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल लि. के सहयोग से एक उवर्रक संयंत्र स्थापित करने जा रही है।
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