मुंबई, 28 जुलाई (आईएएनएस)। फिल्मकार मधुर भंडारकर की फिल्म ‘इंदु सरकार’ सेंसरशिप जैसे मामलों से निपटते हुए आखिरकार शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई।
मुंबई, 28 जुलाई (आईएएनएस)। फिल्मकार मधुर भंडारकर की फिल्म ‘इंदु सरकार’ सेंसरशिप जैसे मामलों से निपटते हुए आखिरकार शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई।
उनका कहना है कि पिछले कुछ दिन उनके लिए बेहद चिंताजनक और परेशानी भरे रहे हैं।
निर्देशक ने गुरुवार को यहां ‘इंदु सरकार’ के स्क्रीनिंग के दौरान ये बातें कही।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं..पिछले 10-12 दिन काफी परेशानी भरे रहे हैं। मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा। उच्च न्यायालय से सर्वोच्च न्यायालय..हर जगह गया..और आखिरकार फिल्म रिलीज हो रही हैं, इसलिए मैं बेहद खुश हूं।”
फिल्म 1975-77 के आपातकाल पर आधारित होने के चलते सबके निशाने पर रही। सेंसर बोर्ड ने जहां इसमें कुछ दृश्यों की कांट-छांट करने के लिए कहा, वहीं कांग्रेस पार्टी ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे संजय गांधी की छवि को धूमिल करने का प्रयास बताया।
आखिरकार फिल्म दो कट, एक डिस्क्लैमर और कुछ दृश्यों में बीप के साथ रिलीज हो गई।
भंडारकर ने कहा, “कट (कांट-छांट) के बारे में मैं खुश हूं, जब पुनरीक्षण समिति ने इसे देखा तो उन्हें यह फिल्म बहुत पसंद आई, तो कट के बाद भी फिल्म का सार अभी भी मौजूद है। दो छोटे कट, दो छोटे बीप और एक डिस्क्लैमर..बाकी जिन दृश्यों में कट लगाने के सुझाव दिए गए थे, वे अभी भी फिल्म में हैं, इसलिए मैं इस बारे में बेहद खुश हूं।”
फिल्म की कहानी को एक नागरिक (अभिनेत्री कीर्ति कुलहरी) के नजरिए से पेश किया गया है, जो आपातकाल के मुशिकल भरे 21 महीनों की गवाह है।
फिल्म के कलाकारों में नील नितिन मुकेश, सुप्रिया विनोद और अनुपम खेर भी हैं।
अनुपम ने भंडारकर को ऐसे विषय पर फिल्म बनाने का साहस करने के लिए बधाई भी दी।
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