नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। ऑनलाइन मैसेजिंग साइट वाट्सएप पर अपलोड की जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी को लेकर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को असमर्थता व्यक्त की, क्योंकि इस पर भेजी जाने वाली सामग्रियां एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड (कूट भाषा में सुरक्षित) होती है और कोई भी तीसरा पक्ष उन तक पहुंच नहीं बना सकता।
नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। ऑनलाइन मैसेजिंग साइट वाट्सएप पर अपलोड की जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी को लेकर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को असमर्थता व्यक्त की, क्योंकि इस पर भेजी जाने वाली सामग्रियां एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड (कूट भाषा में सुरक्षित) होती है और कोई भी तीसरा पक्ष उन तक पहुंच नहीं बना सकता।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस सदस्य और राज्यसभा के सांसद राज बब्बर द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार तभी कार्रवाई करती है, जब इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जाए।
सांसद ने पूछा था कि क्या वाट्सएप पर प्रचलित होने वाली आपत्तिजनक संदेशों और वीडियो को रोकने के लिए सरकार कोई योजना बना रही है।
प्रसाद ने कहा, “वाट्सएप के मुताबिक उस पर भेजे गए संदेश एनक्रिप्टेड होते हैं यानी उसे केवल भेजने वाला और पाने वाला ही देख सकता है। वाट्सएप में हालांकि आपत्तिजनक सामग्रियों के बारे में रिपोर्ट दर्ज करने का फीचर है, लेकिन खुद कंपनी किसी सामग्री को देख नहीं सकती, इसलिए इस फीचर का भी फायदा नहीं है।”
मंत्री ने कहा कि वाट्सएप पर लोड की गई किसी आपत्तिजनक सामग्री का स्क्रीनशॉट लेकर कानून प्रवर्तक एजेंसियों के पास शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून 2000 (2008 में संशोधित) के तहत ऐसे मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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