नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सेवारत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा शहीद बीएसएफ कर्मियों के परिवारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय कौशल विकास निधि (एनएसडीएफ) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने सोमवार को पांच वर्ष के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बीएसएफ कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को बीएसएफ द्वारा संचालित बहु-कौशल विकास केंद्रों में एनएसक्यूएफ के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह समझौता ज्ञापन इन कर्मचारियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर दूसरे करियर के माध्यम से पुनर्वास को आसान बनाएगा।
बयान के अनुसार, समझौता ज्ञापन के तहत सेवानिवृत्त होने वाले/सेवानिवृत्त हो चुके बीएसएफ कर्मियों को एनएसक्यूएफ के अनुरूप (सेक्टर स्किल परिषदों द्वारा विकसित राष्ट्रीय व्यावसायिक मानदंडों के अनुसार) अतिरिक्त कौशल दिया जाएगा, ताकि उन्हें उद्योग जगत की आवश्यकता के अनुरूप तैयार किया जा सके और वे सेवानिवृत्ति के बाद अपने लिए दूसरा करियर चुन कर अपने जीवन को आसान बना सकें।
इस अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूडी ने कहा, “यह समझौता ज्ञापन लम्बी दौड़ में कौशल भारत मिशन को एक नई गति प्रदान करेगा। देश में कौशल विकास में अनुभव और विशेषज्ञता की बात करें तो प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं की कमी है और मेरा मानना है कि हमारे सेवानिवृत्त बीएसएफ कर्मचारी इस कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”
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