पीट-पीटकर हत्याओं के लिए विपक्ष का मोदी सरकार पर निशाना (लीड-2)

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। विपक्षी सदस्यों ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर गोरक्षकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने पर उन्हें प्रोत्साहन देने का आरोप लगाया। विपक्ष ने समस्या के मद्देनजर अलग से कानून बनाने की भी मांग की।

इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोक हुई। विपक्षी सदस्यों ने हालात को लेकर सरकार पर जबरदस्त हमला बोला।

चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर अप्रत्यक्ष तौर पर गोरक्षकों को प्रोत्साहन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में भय का माहौल बन गया है।

उन्होंने कहा, “सरकार को सदन को बताना चाहिए कि कितने गोरक्षकों को सजा दी गई.. कितनों को गिरफ्तार किया गया। आप इन्हें अपना नहीं मानते, लेकिन इनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।”

खड़गे ने कहा, “कोई कार्रवाई नहीं की गई और इसके बजाय उन्हें प्रोत्साहित किया गया। सरकार दलितों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं के खिलाफ है।”

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह हिंदुस्तान को ‘लिंचिस्तान’ में तब्दील न होने दे। उन्होंने कहा कि भीड़ द्वारा पीट-पीटकर की जा रही हत्या की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।

तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने कहा कि पीट-पीटकर हत्या की 97 फीसदी घटनाएं मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई हैं।

उन्होंने कहा, “मैं इसमें हिंदू-मुस्लिम का सवाल नहीं लाना चाहता, लेकिन 97 फीसदी हत्याएं नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद हुई हैं..इसमें 86 फीसदी पीड़ित मुस्लिम हैं। मैं सत्ता पक्ष के सदस्यों से पूछना चाहता हूं कि आप कहते हैं कि आप कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं। क्या आप मुस्लिम मुक्त भारत चाहते हैं।”

सौगत राय ने संसद से लोगों की पीट-पीटकर हत्या से रक्षा के लिए कानून पारित करने की मांग की।

बीजू जनता दल (बीजद) के नेता तथागत सतपथी ने कहा कि पीट-पीटकर हत्या से ग्रामीण अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है।

उन्होंने कहा, “किसान अपने बेकार जानवर बेचने में असमर्थ हैं। अर्थव्यवस्था चक्र रुक गया है। पूरी तरह से ग्रामीण अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है।”

उन्होंने कहा, “आपने वास्तविक तौर पर पीट-पीटकर हत्या की प्रक्रिया से ग्रामीण अर्थव्यस्था को नुकसान पहुंचा दिया है, आप ने अंतत: हिंदू किसान को मारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ..आप अल्पसंख्यकों को मार कर बहुसंख्यकों को मार रहे हैं।”

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सुप्रिया सुले ने कहा कि सदन को इस तरह की घटनाओं के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमें संदेश देना चाहिए कि हम सभी एकजुट होकर संसद में इसकी निंदा करते हैं। हमें एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए।”

भाजपा के सदस्य हुकुमदेव नारायण यादव ने इसे सरकार के खिलाफ साजिश बताया।

यादव ने कहा, “ये कार्यक्रम सरकार को बदनाम करने के लिए चलाए जा रहे हैं। यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि इन हमलों के पीछे कौन हैं।”

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि यह राज्यों का कर्तव्य है कि वे ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाएं।

लोक जनशक्ति पार्टी के नेता ने कहा, “क्या आप चाहते हैं कि केंद्र बदमाशों को नियंत्रित करने के लिए सेना भेजे। यहां तक कि यदि एक कानून पारित हो गया तो इसे भी राज्य सरकार द्वारा ही क्रियान्वित किया जाएगा।”

कांग्रेस सदस्य मोहम्मद असरुल हक ने कहा कि टोपी लगाने वाले व बुर्का पहनने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “टोपी लगाने व दाढ़ी रखने वाले लोग व बुर्का पहनने वाली महिलाएं घर से बाहर जाने में डर रही हैं। लोग उन पर टिप्पणी करते हैं और यदि आप विरोध करते हैं तो वे हमला करते हैं।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493