नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्यों ने शुक्रवार को लोकसभा में कुछ राज्य प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट देने की मांग की। इस मांग को लेकर टीआरएस सदस्यों ने सदन में हंगामा भी किया।
इन योजनाओं में मिशन ककतिया, मिशन भगीरथ और गरीबों के लिए कम कीमत की आवासीय परियोजनाएं शामिल हैं।
तेलंगाना के सदस्यों ने वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा भरोसा दिए जाने का बाद अपना विरोध खत्म किया। जेटली ने कहा कि वह इस मुद्दे को जीएसटी परिषद के सामने रखेंगे।
मामले को निचले सदन में उठाते हुए टीआरएस नेता जितेंद्र रेड्डी ने कहा कि 18 फीसदी जीएसटी दर के कारण राज्य की कुछ परियोजनाओं में ठहराव आ गया है।
रेड्डी ने कहा, “वित्तीय उलझाव परियोजनाओं को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। ये सभी परियोजनाएं गरीब लोगों के लिए और सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए हैं। राज्य सरकार 18 फीसदी जीएसटी के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना कर रही है।”
उन्होंने कहा, “हमारे मुख्यमंत्री ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्तमंत्री अरुण जेटली को इस संदर्भ में पत्र लिखा है।”
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेटली ने कहा कि वह इस मुद्दे को जीएसटी परिषद के समक्ष रखेंगे।
मिशन भगीरथ पेय जल योजना है, जबकि मिशन ककतिया टांकों के पुनर्जीवन के लिए है।
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