नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। संसद की एक समिति ने मंगलवार को एयर इंडिया और पवन हंस के विनिवेश को लेकर हितधारकों से सवाल पूछे और कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसद की स्थाई समिति ने मंगलवार को नागरिक विमानन मंत्रालय और विनिवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएम) के अधिकारियों से पूछताछ की।
नागरिक विमानन सचिव आर. एन. चौबे, एयर इंडिया के अध्यक्ष सह निदेशक अश्विनी लोहानी और पवन हंस के अध्यक्ष सह निदेशक बी. पी. शर्मा समेत अन्य अधिकारियों से तृणमूल कांग्रेस के सांसद मुकुल राय की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने पूछताछ की।
समिति के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने अधिकारियों से राष्ट्रीय विमानन कंपनी के विनिवेश की जरूरत और इसके कारण होने वाली नौकरियों में कटौती के बारे में पूछा।
सदस्य ने बताया, “हमें बताया गया कि विनिवेश निती आयोग की सिफारिशों के मुताबिक किया जा रहा है।”
सदस्य ने आगे कहा, “नीति आयोग ने कहा कि व्यापार करना सरकार का काम नहीं है। इस तरह से तो सरकार को दूरदर्शन भी नहीं चलाना चाहिए।”
वहीं, नौकरियों में कटौती के सवाल पर सदस्यों को यह आश्वस्त किया गया है कि सरकार इसका ख्याल रखेगी कि किसी की नौकरी न जाए।
एक अन्य सदस्य के मुताबिक, समिति को बताया गया कि विनिवेश से पहले सरकार एयर इंडिया का कर्ज चुकाएगी।
सदस्यों को यह सूचना दी गई कि एयर इंडिया और पवन हंस दोनों के विनिवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विमानन सचिव ने समिति को यह भी जानकारी दी कि एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय की सीबीआई जांच जारी है।
एयर इंडिया के विनिवेश के लिए एक मंत्रीस्तरीय समूह का गठन किया गया है।
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