नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि भारतीयों की तेजी से उच्च आर्थिक विकास की उम्मीदों ने राजनीतिक वर्ग पर दवाब डाला है, जिससे केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर आसान और शीघ्र निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
जेटली ने यहां नीति आयोग की ‘तीनवर्षीय कार्ययोजना 2017-20’ जारी करते हुए कहा, “भारतीय तेजी से बेचैन हो रहे हैं और उच्च विकास दर और उच्च दर की आर्थिक गतिविधियों की अपेक्षा करते हैं।”
उन्होंने कहा, “इसका असर शासन में बैठे लोगों पर है और समूची राजनीतिक प्रणाली के लिए फैसले लेने की प्रक्रिया पहले से आसान और तेज हो गई है, क्योंकि नीति निर्माताओं पर लोगों का दवाब है।”
उन्होंने कहा, “आजकल फैसले लंबित नहीं मिलेंगे, क्योंकि यह राजनीतिक रूप से उचित नहीं है।”
जेटली ने कहा कि देश के ‘आकांक्षी वर्ग’ की अपेक्षाएं राज्य सरकारों पर भी दवाब डाल रही है।
उन्होंने कहा, “देश भर में राज्यों में व्यापार में आसानी प्रदान करने के लिए एक दूसरे से होड़ मची है. वे निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।”
वित्त मंत्री ने कहा कि नीति आयोग की तीनवर्षीय कार्ययोजना शासन के लोगों के लिए अच्छी पाठ्यपुस्तक बन सकती है।
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