नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रत्यक्ष कर संग्रह को भी प्रभावित करेगा, क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद कर के अधीन आने वाले अधिक से अधिक लोगों की पहचान हो सकी है और कर अदा करने की प्रवृत्ति में भी इजाफा हुआ है।
एक पुस्तक के अनावरण समारोह में शामिल जेटली ने कहा, “जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने के लिए लोगों को अपने कारोबार का खुलासा करना होगा। इसका प्रत्यक्ष कर संग्रह पर असर पड़ना ही पड़ना है।”
जेटली ने कहा, “इसलिए जीएसटी का असर सिर्फ अप्रत्यक्ष करों पर ही नहीं होगा, बल्कि प्रभावी प्रणाली के कारण प्रत्यक्ष कर संग्रह पर भी असर पड़ेगा। प्रौद्योगिकी के चलते कर प्रणाली के अधीन आने वाले लोगों की पहचान करने की संभावना बढ़ी है।”
जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले ही नोटबंदी के कारण व्यक्तिगत आय कर चुकाने वालों की संख्या में इजाफा हो गया था।
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