नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के सर्वाधिक बिकने वाले क्राइम लेखक सुरेंद्र मोहन की जीवनी लिखने के राइट्स वैस्टलैंड को मिल गए हैं। यह किताब हिदी के साथ अंग्रेजी में भी प्रकाशित की जाएगी।
क्राइम लेखन के लिए मशहूर सुरेंद्र मोहन पाठक के अब तक लगभग 300 हिंदी उपन्यास छप चुके हैं।
उन्होंने भारतीय टेलीफोन उद्योग में पूर्णकालिक नौकरी के साथ-साथ लेखन के क्षेत्र में करियर 1960 की शुरुआत में शुरू किया, जहां उन्होंने इयान फ्लेमिंग के जेम्स बांड उपन्यासों का हिंदी में अनुवाद किया।
सुरेंद्र मोहन का मानना है, “निस्संदेह यह मेरे लिए काफी खुशी और गर्व की बात है कि मैं लेखक के रूप में बिताए जीवन पर वैस्टलैंड के साथ मिलकर जीवनी लिखूंगा। यह मेरे जैसे रहस्यात्मक लेखक के लिए बहुत ही अभूतपूर्व और यादगार है।”
सुरेंद्र मोहन की पहली लघु कहानी ‘सातवां साल पुराना आदमी’ उस समय की मशहूर पत्रिका मनोहर कहानियां में प्रकाशित हुई थी। उनका पहला उपन्यास ‘पुराने गुनाह नए, गुनहगार’ सन 1963 में पत्रिका नीलम जासूस में प्रकाशित हुआ। उन्होंने नायक के रूप में खोजी पत्रकार सुनील चक्रवर्ती को लेकर कई उपन्यास प्रकाशित किए।
इंडियन लैंग्वेज पब्लिशिंग प्रोग्राम की प्रकाशक मीनाक्षी ठाकुर का मानना है, “हम पाठक के साथ काम करने को लेकर बहुत खुश हैं और उनके जीवन तथा लेखन करियर, जो लगभग 60 वर्ष लंबा है, को जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं। ये उनके अनगिनत प्रशंसकों के लिए विशिष्ट उपहार होगो वे बहुत वास्तविक कथाकार हैं और उनकी ये जीवनी उनके उपन्यासों की तरह ही रोमांचक होगी।”
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