हरिद्वार, 12 सितंबर (आईएएनएस)। गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या का कहना है कि रथयात्रा का मूल उद्देश्य युवाओं के अंदर की प्रतिभा को जागृत करना है। रथयात्रा श्रीकृष्ण की कर्मभूमि द्वारका से 15 सितंबर से प्रारंभ होगी और संपूर्ण गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के 14 जिलों के युवाओं के बीच जन जागरण करता हुआ 25 जनवरी, 2018 को नागपुर पहुंचेगा।
शांतिकुंज ने युवाओं के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गुजरात, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के लिए युवाक्रांति – युवा भारत रथ को गायत्री परिवार प्रमुखद्वय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है।
डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा, “वर्तमान समय में युवाओं को सही दिशा एवं सोच देने की आवश्यकता है। उनके अंदर की प्रतिभा को जागृत करने का उपयुक्त समय है। इस दिशा में युवा क्रांति वर्ष के उत्तरार्ध में निकलने वाला यह वीडियो रथ युवाओं के बीच नई प्रेरणा का संचार करेगा। रथ में लगी विशाल एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रेरणाप्रद लघु फिल्में दिखाई जाएंगी।”
उन्होंने कहा कि शांतिकुंज के ईएमडी विभाग द्वारा तैयार की गई ये फिल्में युवाओं को रचनात्मक दिशा देने एवं जनजागरण से जुड़ी है।
संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा, “भारत को विकसित राष्ट्र की अग्रिम पंक्ति में खड़े करने के लिए युवा शक्ति को आगे आना होगा। समर्थ राष्ट्र के लिए युवा पीढ़ी को तराशने की दिशा में गायत्री परिवार युवाक्रांति वर्ष के तहत विशेष अभियान चला रहा है। यह यात्रा इसी उद्देश्य के लिए है।”
शांतिकुंज जोनल प्रमुख कालीचरण शर्मा ने बताया कि नागपुर में युवा विजन आलेख राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय समन्वयक केदार प्रसाद दुबे के अनुसार, रथ में जनरेटर, 12 बाई आठ फीट की एलईडी स्क्रीन है। उन्होंने बताया कि इसी तरह और तीन रथ भी रवाना किए जाएंगे। पहला कटरा (जम्मू) से, दूसरा कन्याकुमारी से तथा तीसरा गुवाहाटी से प्रारंभ होंगे।
जोन समन्वयक गंगाधर चौधरी ने बताया कि रथ एक दिन में करीब 70 से 80 किमी की दूरी तय करेगा।
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