कोल इंडिया घरेलू भंडार के तेजी से दोहन पर जोर दे रहा

कोलकाता, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। राज्य द्वारा संचालित कोल इंडिया लिमिटेड, भविष्य की मांग को पूरा करने और आयात को घटाने के लिए घरेलू जीवाश्म ईंधन भंडार को ‘त्वरित’ और ‘तेज’ दोहन पर बल दे रहा है। यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी।

कंपनी के नवनिर्धारित अंतरिम अध्यक्ष गोपाल सिंह ने 43वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा, “नई कोयला आधारित ऊर्जा उत्पादन से कोयला संसाधनों पर दबाव पड़ने संभावना है। 2012 में कोयला आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 125 गीगावॉट थी जिसे बढ़ाकर 2040 तक 330 से 441 गीगावॉट तक करने की उम्मीद है। (वित्त वर्ष 2017 में 192 गीगावाट)।”

सिंह ने कहा, “इन संयंत्रों के लिए कोयले की मांग पहले घरेलू उत्पादन से किए जाने की संभावना है, जिसके लिए हमें भंडार के त्वरित दोहन की आवश्यकता होगी।”

उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में कोयला उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप आयात में कमी और 25,900 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

सिंह के मुताबिक, कोयले की आपूर्ति में आयात ने 2015-16 में 25 प्रतिशत और 2016-17 में 23 प्रतिशत का योगदान दिया था।

सिंह ने कहा, “देश अच्छी तरह से कोयला संपन्न है, क्योंकि भारत में दुनिया का सात प्रतिशत कोयला भंडार है।”

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