आयात से चालू खाता घाटा बढ़ा (लीड-1)

नई दिल्ली, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के चालू खाते के घाटे (सीएडी) में आयात में बढ़ोतरी के कारण वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तेजी दर्ज की गई और यह 14.3 अरब डॉलर रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 0.4 अरब डॉलर थी।

नई दिल्ली, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के चालू खाते के घाटे (सीएडी) में आयात में बढ़ोतरी के कारण वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तेजी दर्ज की गई और यह 14.3 अरब डॉलर रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 0.4 अरब डॉलर थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पिछले वित्त की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) की तुलना में चालू खाता घाटे में 3.4 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आरबीआई ने कहा, “देश के चालू खाते का घाटा वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में 14.3 अरब डॉलर रहा, जो जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 2.4 फीसदी है, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में यह 0.4 अरब डॉलर था, जो जीडीपी का 0.1 फीसदी था। वहीं, वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में यह 3.4 अरब डॉलर था, जो जीडीपी का 0.6 फीसदी है।”

बयान में कहा गया, “चालू खाते के घाटे में साल-दर-साल आधार पर बढ़ोतरी का मुख्य कारण बढ़ता व्यापार घाटा है, जो 41.2 अरब डॉलर है। देश में निर्यात की तुलना में लोग अधिक आयात कर रहे हैं।”

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