तिरुवनंतपुरम , 16 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री के.जी अल्फोंस शनिवार को पेट्रोलियम मूल्य को लेकर दिए बयान से एक बार फिर विवाद में फंस गए हैं।
तिरुवनंतपुरम , 16 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री के.जी अल्फोंस शनिवार को पेट्रोलियम मूल्य को लेकर दिए बयान से एक बार फिर विवाद में फंस गए हैं।
अल्फोंस ने शनिवार को कहा था कि लोग जिनके पास दोपहिया वाहन और कार हैं, वे भुखे नहीं मर रहे हैं और तेल के बढ़े मूल्यों का भुगतान करने में सक्षम हैं।
अल्फोंस का यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में तेल के मूल्य में कमी आने के बावजूद यहां तेल के मूल्य में गत तीन वर्षो के दौरान सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है और विपक्षी पाíटयां इसका जोरदार विरोध कर रही हैं।
उन्होंने पार्टी मुख्यालय में यहां कहा, “जिसके पास कार है, बाईक है, निश्चित ही वह भूख से नहीं मर रहे है। जो भी यह मूल्य अदा नहीं कर सकते, उन्हें अदा करना चाहिए। देश में 67 प्रतिशत आबादी के पास बाथरूम नहीं, नए घर बनाए जाने चाहिए और इन सब के लिए लाखों, करोड़ों रुपये की आवश्यकता होगी और यह रुपये ईंधन के दामों में बढ़ोतरी करके वसूली जा रही है।”
इस बयान के बाद हाल ही में मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बनाए गए अल्फोंस एक बार फिर से विवाद में फंस गए हैं और इससे पहले वह बीफ मुद्दे पर बयान देकर आलोचना का शिकार हुए थे।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री देश के गरीबों के लिए बहुत बड़ा सपना देखते हैं। उनका सपना क्या है ? यह अनुमान लगाना बहुत आसान है। 30 प्रतिशत भारतीय बिना भोजन किए रात में सो जाते हैं।”
कांग्रेस नेता और पूर्व पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने अल्फोंस पर हमला करते हुए कहा कि यह एक प्रकार का अराजक बयान है। जब कोई नौकरशाह राजनीति में आता है, उसे लोगों की समस्या की समझ नहीं होती।
वहीं टीआरएस के प्रवक्ता भानुप्रसाद ने अल्फोंस के बयान को आश्चर्यजनक बताया। सरकार अभी भी लोगों को निचोड़ रही है जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार मे कच्चे तेल का मूल्य कम हो गए हैं।
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