पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमेन वर्मा ने मंगलवार को मीडिया को बताया, “अपराध शााखा व भुड़कुड़ा थाना पुलिस की टीम को सोमवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि दुल्लहपुर की ओर से पैदल ही तीन बदमाश चौजा नदी पुल के पास आ रहे हैं। इस पर टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बदमाशों के आने का इंतजार किया। इस बीच सोमवार देर रात करीब 2.30 बजे तीन बदमाश आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो बदमाश फायर करने लगे। पुलिस ने तीनों को घेर कर पकड़ लिया।”
वर्मा ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान लालू उर्फ संतोष यादव, सेंपल उर्फ वीरेंद्र राजभर और गोविंद यादव के रूप में हुई है।
एसपी ने बताया, “गिरफ्तार बदमाशों ने कबूला कि वे लोग भाड़े पर हत्या करते हैं। इन लोगों ने नौ जुलाई को हुई लूट की बात कबूली और बताया कि उन्हें व्यापारी नंदलाल गुप्ता की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी मिली थी, जिसमें पेशगी के तौर पर 20 हजार रुपये भी मिले। 11 सितम्बर को आरोपियों ने व्यापारी पर गोली चलाई थी, पर गोली नहीं लगी थी।”
वर्मा ने बताया, “गिरफ्तार अभियुक्तों ने थाना सादियाबाद, भुड़कुड़ा, कोतवाली पर पंजीकृत लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त लालू उर्फ संतोष यादव के विरुद्ध थाना जीआरपी मऊ, थाना सादियाबाद, भुड़कुड़ा पर लूट, हत्या के प्रयास, चोरी, गैंगेस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट जैसे आठ मामले दर्ज हैं।”
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