मुंबई, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। वैश्विक संकेतकों की वजह से पिछले सप्ताह शेयर बाजारों में गिरावट रही। विदेशी निवेशकों की मुनाफवसूली के चलते सेंसेक्स 32 हजार के और निफ्टी 10 हजार के मनौवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुए।
घरेलू निवेशकों में चालू खाता घाटा बढ़ने को लेकर चिंता बनी रही। इस बीच वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए जल्द ही कदम उठाएगी।
पिछले सप्ताह 22 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में बंबई स्टाक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 350.17 अंकों यानी 1.09 फीसदी की गिरावट के साथ 31,922.44 पर बंद हुआ।
इसी तरह नेशनल स्टाक एक्सचेंज के निफ्टी में 121 अंकों यानी 1.20 फीसदी की गिरावट रही और यह 9,964.40 पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में दो फीसदी से ज्यादा गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 362.85 अंकों यानी 2.27 फीसदी की गिरावट के साथ 15,609.89 पर बंद हुआ। इसी तरह स्मालकैप सूचकांक 394.73 अंकों यानी 2.37 फीसदी की गिरावट के साथ 16,293.03 पर बंद हुआ।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार 18 सितंबर को सेंसेक्स में 151.15 अंकों की तेजी रही और यह 32,423.76 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 67.70 अंकों की तेजी रही और यह 10,153.10 पर बंद हुआ।
दूसरे दिन मंगलवार को सेंसेक्स में 21.39 अंकों, बुधवार को 1.86 अंक, गुरुवार को 30.47 अंकों की गिरावट रही। इसी तरह निफ्टी में मंगलवार को 5.55 अंकों, बुधवार को 6.40 अंकों, गुरुवार को 19.25 अंकों की गिरावट रही।
सप्ताह के आखिरी करोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स में 447.60 अंकों यानी 1.38 फीसदी की गिरावट रही और यह 31,922.44 पर बंद हुआ। निफ्टी में 157.50 अंकों यानी 1.57 फीसदी की गिरावट रही और यह 9964.40 पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 544.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3581.88 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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