भाखड़ा बांध से 135 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई

चंडीगढ़, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। भाखड़ा बांध का जल 135 लाख एकड़ जमीन के सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है। साथ ही इसका 34,00 करोड़ घन मीटर पानी किसानों को सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पड़ोसी राज्यों को दिया गया। भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) के मुख्य प्रबंध निदेशक डी.के. शर्मा ने यह जानकारी दी।

चंडीगढ़, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। भाखड़ा बांध का जल 135 लाख एकड़ जमीन के सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है। साथ ही इसका 34,00 करोड़ घन मीटर पानी किसानों को सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पड़ोसी राज्यों को दिया गया। भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) के मुख्य प्रबंध निदेशक डी.के. शर्मा ने यह जानकारी दी।

शर्मा ने कहा कि इस बांध के बन जाने से 1100 किलोमीटर नहरों और 3400 किलोमीटर की सिंचाई प्रणाली ने लोगों के दरवाजे तक पीने का पानी ला दिया और उनकी आजीविका में सुधार किया।

उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध ने सिंचाई, पर्याप्त बिजली और प्रचुर मात्रा में पानी और अनाज की उपलब्धता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है इस तरह क्षेत्र से गरीबी के उन्मूलन और क्षेत्र के लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान किए।

शर्मा ने कहा कि इस बांध के बन जाने से सबसे महत्वपूर्ण खतरा बाढ़ को रोकने में काफी हद तक मदद मिली। पहले सतलज और ब्यास नदियों का जल, जो मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ पैदा कर रहे थे और अंतत: अरब सागर में मिल जाते थे, भाखड़ा बांध के निर्माण के बाद क्षेत्र में पानी और बिजली प्रदान करके कृषि और औद्योगिक विकास के लिए वरदान बन गए हैं।

भाखड़ा बांध और पोंग बांध पर बने पावर हाउस उत्तरी ग्रिड में 1775 मेगावॉट बिजली का योगदान करते हैं और ग्रिड संकुचित होने की स्थिति में ‘ब्लैक स्टार्ट पावर’ आपूर्ति की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के भाखड़ा बांध ने पूरे देश के सामाजिक आर्थिक विकास और पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के उत्तरी क्षेत्रीय राज्यों के रूप में विशेष भूमिका निभाई है। पंजाब और हरियाणा राज्यों में हरित, नीली और श्वेत क्रांति को लागू करने में भाखड़ा और पोंग बांध ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे देश को आवश्यक खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

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