मुंबई, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। हर तरफ वाहवाही बटोर रही फिल्म ‘न्यूटन’ के निर्देशक अमित वी. मासुरकर ने कहा है कि वह ईरानी फिल्म ‘सीक्रेट बैलट’ से पूरी तरह अनजान थे और जो लोग ऐसा कह रहे हैं, उन्हें दोनों फिल्मों को देखना चाहिए और इस बात का पता लगाना चाहिए कि क्या यह फिल्म उसकी नकल है।
‘न्यूटन’ को ऑस्कर 2018 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है। इस खबर की घोषणा के एक दिन बाद कई रपटों में दावा किया गया कि यह फिल्म 2001 की ईरानी फिल्म ‘सीक्रेट बैलट’ की नकल है।
यह एक निर्वाचन अधिकारी के जीवन पर केंद्रित है, जो मतदाताओं को वोट देने और चुनाव में हिस्सा लेने का निवेदन करने के लिए जंगली और दूरवर्ती स्थान की यात्रा करता है।
क्या उनकी फिल्म ईरानी फिल्म से प्रेरित है? अमित ने आईएएनएस से कहा, “मैंने इसकी कहानी 2013 में लिखी थी, और आठ महीने बाद मैं मयंक तिवारी (पटकथा लेखक) के साथ इसकी पटकथा पर काम कर रहा था।”
उन्होंने कहा, “इस कहानी का इरादा हमारे लोकतंत्र में आबादी के उस वर्ग के बारे में बात करना है, जो वोट देने की इच्छा रखता है। यह कहानी मेरे दिल से निकली है। मुझे सीक्रेट बैलट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।”
अमित के अनुसार, “मुझे लगता है कि शूटिंग शुरू होने के दो दिन पहले किसी ने मुझसे कहा था कि क्या मैंने वह ईरानी फिल्म देखी है। मैंने फिल्म की कुछ क्लिपिंग ऑनलाइन देखी और मैंने पाया कि उस फिल्म से हमारी फिल्म की कोई समानता नहीं है।”
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