नई दिल्ली, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को कश्मीर विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र व कश्मीर ट्रेडर्स व मार्केटिंग फेडरेशन के प्रमुख से जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी वित्त पोषण से जुड़े मामले में पूछताछ की।
एक अधिकारी ने कहा कि छात्र आला फाजिली व व्यापार संस्था के प्रमुख यासीन मोहम्मद खान से यहां एनआईए के मुख्यालय में पूछताछ की गई।
उन्होंने कहा कि दोनों को बीते सप्ताह एजेंसी ने जांचकर्ताओं के समक्ष पेश होने के लिए समन भेजा था।
जानकार सूत्रों ने कहा कि इनसे कथित तौर पर कई समूहों को वित्त पोषण को लेकर पूछताछ की गई जिन्होंने कई मौकों पर सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की थी।
इस बीच, कश्मीर की व्यापारिक संस्था ने अपने प्रमुख को मामले से जुड़े होने को लेकर समन जारी किए जाने पर घाटी में विरोध प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने कहा कि एनआईए ने 30 मई को हुर्रियत कांफ्रेंस के अज्ञात सदस्यों सहित अलगाववादियों व अलगवादवादी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों हिजबुल मुजाहिदीन, दुख्तरान-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) व दूसरे संगठनों व गिरोहों के सक्रिय आतंकवादियों के साथ मौन सहमति के साथ काम कर रहे हैं।
जांच एजेंसी ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों व अलगाववादियों के वित्त पोषण के लिए हवाला सहित कई अवैध माध्यमों से राशि जुटाने, हासिल करने को लेकर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही सुरक्षा बलों पर पथराव करने व स्कूलों को आग लगाने व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर घाटी में बाधा पैदा करने व भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला भी दर्ज किया गया है।
पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के जन संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद को प्राथमिकी में एक आरोपी बनाया गया है।
प्राथमिकी में हुर्रियत के दोनों गुटों, सैयद अली शाह गिलानी की अगुवाई वाले गुट व मीरवाइज उमर फारूक गुट, हिजबुल मुजाहिदीन व महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के नाम भी हैं।
एनआईए इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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