नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सोमवार को सरकार ने पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सब कैटेगरी के परीक्षण के लिए पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है। इसके जरिये अधिक से अधिक पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ देने की मंशा है।
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सोमवार को सरकार ने पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सब कैटेगरी के परीक्षण के लिए पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है। इसके जरिये अधिक से अधिक पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ देने की मंशा है।
इस आयोग की अध्यक्षता दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी करेंगी।
इस आयोग के गठन का मकसद ओबीसी समुदाय को दी जाने वाली सुविधाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
सराकर ने आयोग से अपनी रिपोर्ट 12 सप्ताह के भीतर पेश करने को कहा है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संविधान के अनुच्छेद 340 के प्रावधान के तहत इस आयोग का गठन किया। यह फैसला महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर लिया गया।
सरकार ने कहा, “राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 340 द्वारा दी गई सुविधा का प्रयोग करते हुए अन्य पिछड़ा वर्गो की सब कैटेगरी के परीक्षण के लिए एक आयोग का गठन किया है।”
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