लखनऊ, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में 11 फैसले लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह कि को-ऑपरेटिव में कर्ज न चुका पाने की वजह से करीब 12 लाख 61 हजार किसानों के बैंक खाते बंद कर दिए गए थे। सरकार ने 75 फीसद इनका कर्ज देकर और को-ऑपरेटिव बैंक ने 25 फीसद माफ कर इनके डेड खातों को फिर से चालू करने का फैसला किया है।
सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि राजस्व निरीक्षक की सीधी भर्ती समाप्त कर दी गई। पहले 25 फीसद पदों पर सीधी भर्ती और 75 फीसद प्रोन्नत से भरी जाती थी, लेकिन अब सभी पदोन्नत से भरे जाएंगे। इसका सर्वाधिक लाभ लेखपालों को मिलेगा।
श्रीकांत शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में कैबिनेट के फैसलों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 70 जिलों के भू-मानचित्रों को डिजिटल किया जाएगा।
शर्मा ने बताया, “उप्र अधीनस्थ राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली में संसोधन कर 4,281 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसमें 25 फीसदी पद लोकसेवा आयोग के माध्यम से और बाकी 75 फीसदी पद, जिसमें 55 फीसदी लेखपाल संवर्ग, 18 अमीन संवेग से भरे जाने हैं। चट्टान और ग्रेनाइट, डोलो स्टोन, सिलिका सेंड पैराफाइड आदि के खनन को ई-टेंडर से किए जाने को लेकर नोडल एजेंसी के निर्धारण को मंजूरी मिली।”
सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया, “पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई को कुछ समय के लिए खनन क्षेत्र आरक्षित किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी को सात क्षेत्र, सोनभद्र, झांसी, महोबा, बांदा खनन क्षेत्र दिया गया। एनएचएआई को छह खनन क्षेत्र दिया जा रहा है। डेडिकेटेड फ्रंट कोरीडोर को सात खनन क्षेत्र आरक्षित किए गए हैं।”
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