भोपाल, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की संपत्ति तीन महीने में 16000 गुना बढ़ने का खुलासा वेबसाइट ‘द वायर’ पर होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व मध्यप्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने जो बयान दिया, उससे प्रदेश भाजपा विचलित हो उठी। सत्तारूढ़ पार्टी बाबरिया पर मानहानि का मुकदमा करेगी।
भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई ने बाबरिया के बयान को शाह की ‘साफ-सुथरी छवि’ को बदनाम करने की कोशिश बताया। प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने बाबरिया के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात कही है।
चौहान ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “एक वेबसाइट द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र पर जो कीचड़ उछाली गई है, वह सर्वथा निंदनीय है, क्योंकि वेबसाइट में जितने आरोप लगाए गए हैं, वे सारे बेबुनियाद और झूठे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इन आरोपों के पीछे पार्टी अध्यक्ष की छवि को धूमिल करने की मानसिकता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। कांग्रेस अपनी लगातार हो रही फजीहत से इतनी बौखलाई हुई है कि नित बेबुनियाद आरोप लगा रही है। कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने भी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पुत्र के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए हैं, इस मसले पर विधि विशेषज्ञों से राय लेकर बाबरिया के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे।”
वेबसाइट की रिपोर्ट को आधारहीन और झूठी करार देते हुए चौहान ने कहा कि कांग्रेस के पास अब करने के लिए कुछ बचा नहीं है। यह वही कांग्रेस है, जिसके शासनकाल में भारत को घोटालेबाजों का देश माना जाता था। सारी दुनिया में देश की बदनामी जिन कांग्रेसियों ने कराई है, वे आज ‘ईमानदार और पारदर्शी अध्यक्ष’ के परिवार पर उंगली उठाने का दुस्साहस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शाह के पुत्र ने स्वयं स्पष्ट कर दिया है कि उनकी कंपनी का व्यवसाय पूरी तरह से पारदर्शी है, जो वाणिज्यिक मापदंडों पर पूर्ण रूप से खरा उतरता है। कोई भी व्यक्ति उनके रिकॉर्ड और बैंकिंग लेनदेन को देख सकता है।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस अपनी लगातार हार से बौखलाई हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने रतलाम में जिस जमीन को लेकर अमित शाह के पुत्र को सरकार द्वारा जमीन आवंटित करने का झूठा और बुनियाद आरोप लगाया है, सरकार का उस जमीन से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुंबई की एक कंपनी ने विंड पार्क लगाने के लिए रतलाम में जमीन ली थी। उस कंपनी से शाह के पुत्र की कंपनी ने एक विंड लगाने के लिए जमीन ली है। सरकार ने न तो चौकसी एंड कंपनी को जमीन दी है और न शाह के पुत्र की कंपनी को। चौकसी एंड कंपनी ने आई विंड लगाने की अनुमति सरकार से ली थी। जमीन का सरकार से क्या लेना-देना?
चौहान ने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस के पास कोई मुद्दा ही नहीं है, जिससे वह सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभा सके।
एक सच हालांकि देशभर को पता है कि गुजरात के गृह राज्यमंत्री रहते अमित शाह को जेल जाना पड़ा था और उच्च न्यायालय ने उन्हें चार साल के लिए अपने ही राज्य से बाहर कर दिया था। शाह ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव के समय दाखिल किए हलफनामे में अपनी संपत्ति 34 करोड़ रुपये बताई है। गुजरात के विधायक से हाल ही में सांसद (राज्यसभा सदस्य) बने अमितभाई शाह कभी प्लास्टिक पाइप के कारोबारी और स्टॉक ब्रोकर भी हुआ करते थे।
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