जनरल रावत ने सेना सेवा कोर को मुद्दों के समाधान का दिया भरोसा

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। सेना को लॉजिस्टिक सेवा देने वाली सेना सेवा कोर के कुछ सैन्य कर्मियों द्वारा यहां आर्मी कमांडर के सम्मेलन में लड़ाकू इकाइयों में तैनाती के मुद्दे पर सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने उन्हें आश्वस्त किया कि जहां तक आवश्यक होगा, वहां जरूरी सुधार किए जाएंगे।

इससे पहले सेना के कुछ सेवारत अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय में सैन्य मुख्यालय के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें लगता है कि उनकी अगली पदोन्नति के लिए जो पद उन्हें मुहैया कराए गए हैं उन्हें ‘गैर-लड़ाके’ होने के कारण सीमित रखा गया है, जबकि उन्होंने भी ऑपरेशन से जुड़ी ड्यूटी की है।

एक बयान में कहा गया, “सेना के कमांडरों के सम्मेलन में गैर-लड़ाकू सेवा के मुद्दे पर चर्चा की गई। आर्मी सर्विसेज कॉर्प्स (एएससी) के कुछ कर्मियों ने आशंका जताई है कि चूंकि वे गैर-लड़ाके हैं, इसलिए फील्ड एरिया में उनकी तैनाती पर विचार नहीं किया जा सकता है।”

सेना सेवा कोर (आर्मी सर्विसेज कॉर्प्स) सेना का 20 फीसदी है जो सेना को लॉजिस्टिक मदद मुहैया कराती है। इसमें कुल 2.6 लाख कर्मी हैं और करीब 10,000 अधिकारी हैं।

एक बयान में गुरुवार को कहा गया कि सेना के कमांडरों के सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई और इसमें कोई विवाद नहीं है कि सेना की सभी इकाइयां और सेवाएं लड़ाकू हैं।

बयान में कहा गया, “इस पर कभी विवाद नहीं रहा कि सेना की सभी इकाइयां और सेवाएं लड़ाकू हैं। इसलिए सेना किसी भी स्तर पर किसी भी सेवा इकाई को गैर-लड़ाकू इकाई के रूप में उल्लेख नहीं करती है।”

इसमें यह भी कहा गया कि सेना प्रमुख ने कहा है कि वे सभी इकाइयों और सेवाओं को बराबर मानते हैं और उन्हें वही जिम्मेदारी दी जाती है, जिसके वे योग्य हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493