नेहा ने कहा, “एक अक्टूबर को सरायपाली में रहने वाले लालचंद अग्रवाल के मकान में नकाबपोश डकैतों ने डकैती की थी। डकैतों ने हथियार दिखाकर लालचंद अग्रवाल की पत्नी और बच्चों को बंधक बनाया। उसके बाद घर के तिजोरी में रखे सोने-चांदी के जेवर और तीन लाख रुपये सहित कुल नौ लाख का सामान निकालकर ले गए थे। आरोपियों को क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।”
एसपी ने कहा कि लालचंद अग्रवाल के मकान में हुई डकैती में अंकित कश्यप, अरविंद डालमिया, राहुल अग्रवाल और हरेश्वर सिंह शामिल बताए जा रहे हैं। ये सभी आरोपी रायगढ़ के निवासी हैं। इसके अलावा डकैतों का सरगना अशोक अग्रवाल फरार बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “आरोपी अशोक और अरविंद के सिर पर लाखों का कर्ज है, जिसे चुकाने आरोपियों ने महासमुंद आकर डकैती को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने पंद्रह दिनों तक रेकी की। उसके बाद अगली सुबह आरोपी अग्रवाल दंपति के घर घुसकर सोने-चांदी के जेवर और रकम लूटकर फरार हो गए थे।”
डकैती के मामले की पड़ताल के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई। जांच में मिले सबूतों के आधार पर टीम को रायगढ़ भेजा गया। यहां से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इस दौरान आरोपियों के कब्जे से 37 हजार रुपये, तीन नग मोबाइल, एक नग सफेद रंग की कार, हरेश्वर के पास से एक पिस्टल और दो नग जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा पुलिस ने अशोक अग्रवाल की पत्नी के घर से कार (जेए 01 एएन 4332) जब्त की है।
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