चंडीगढ़, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। राज्य में आर्थिक और औद्योगिकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की चुनौती को देखते हुए पंजाब के मंत्रिमंडल ने सोमवार को नई व्यापार विकास नीति को मंजूरी दे दी है, जिससे उद्योगों के लिए बिजली की दर 5 रुपये प्रति यूनिट तय करने तथा औद्योगिक ऋण के एक बार में निपटान का रास्ता साफ हो गया है।
नई ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2017’ के तहत बिजली की औद्योगिक दर 1 नवंबर से प्रभावी होगी तथा पांच सालों के लिए लागू रहेगी। इसके लिए नए और पुराने दोनों तरह के उद्योग आवेदन कर सकते हैं।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, “नई तथा पुरानी इकाइयों को विस्तार, आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए प्रोत्साहन मुहैया कराने के अलावा नई नीति में पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम, पंजाब वित्त निगम और पंजाब एग्रो उद्योग निगम लि. से उद्योगों द्वारा लिए गए ऋण को एक बार में निपटान का मौका प्रदान किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंत्रिमंडल के बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें नई नीति को मंजूरी प्रदान की गई।
प्रवक्ता ने कहा कि बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने ऋण के एक बार में निपटान को लेकर हुई चर्चा में भाग नहीं लिया, क्योंकि इस कदम से उनकी कंपनी को भी फायदा होगा।
नई औद्योगिक नीति के तहत औद्योगिक अवसंचना के विकास पर मुख्य जोर है, जिसमें सीमा क्षेत्रों, चरम सीमा क्षेत्रों और ‘कांडी’ क्षेत्रों के विकास पर मुख्य जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नई नीति को पंजाब में निवेश आकर्षित करने तथा ‘व्यापार में आसानी’ को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।
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