कांग्रेस विकास विरोधी : छत्तीसगढ़ भाजपा

प्रस्ताव में केरल, पश्चिम बंगाल व त्रिपुरा की सरकारों की निंदा की गई। कहा गया कि इन तीनों राज्यों की सरकारों का लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।

प्रस्ताव में इस राजनीतिक प्रस्ताव में 2022 में आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर पीएम मोदी के ‘न्यू इंडिया’ संकल्प को सिद्ध करने का आह्वान किया गया। कार्यसमिति की इस बैठक में जनसंघ के पूरे होने पर कहा गया है कि राष्ट्रवादी विचारधारा का बीज आज वटवृक्ष का रूप लेते हुए संपूर्ण विश्व को आलोकित हो रहा है।

इस राजनीतिक प्रस्ताव को मंत्री अजय चंद्राकर ने प्रस्तुत किया और शिवरतन शर्मा ने प्रस्ताव का समर्थन किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से प्रदेश के सभी वर्ग में उत्साह और उल्लास का वातावरण है।

यह भी कहा गया कि पिछले चौदह वर्षो से डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने जिस तरह प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया है, उससे छत्तीसगढ़ के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और ज्यादा मजबूत हुआ है।

कहा गया कि प्रदेश के 13 लाख किसानों तक 21 सौ करोड़ के बोनस की राशि उनके खाते में सीधे मिल जाने से अन्नदाताओं में प्रसन्नता का वातावरण है। ‘बोनस तिहार’ ने छत्तीसगढ़ के किसानों में अपनी सरकार के प्रति भरोसे को और ज्यादा मजबूत किया है।

बताया गया कि प्रदेश शासन ने तेंदू पत्ता संग्राहकों को भी आगामी सीजन से प्रति मानक बोरे 700 रुपये बढ़ाकर 1800 से 2500 करने का निर्णय लिया है। गन्ना किसानों को प्रति क्विंटल 50 रुपये का बोनस, इसी तरह सौर सुजला योजना, उजाला योजना, समेत दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत राज्य में करीब 50 लाख लोगों को बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। इस योजना में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम है। स्वास्थ्य बीमा योजना के कवरेज की राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करते हुए इसमें अन्य कई नई बीमारियों से सुरक्षा को भी जोड़ा गया है। प्रदेश के 45 लाख छात्रों-गरीबों-महिलाओं को स्मार्ट फोन के वितरण से छत्तीसगढ़ संचार क्रांति की तरफ भी अग्रसर होगा।

कहा गया कि मुद्रा योजना की शत-प्रतिशत सफलता, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के सफल कार्यान्वयन, प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के तहत अब तक 15 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों को नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन समेत तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं।

बैठक में पारित किए गए राजनीतिक प्रस्ताव में कांग्रेस को विकास विरोधी बताया गया है। मतलब यह कि आजादी के बाद सारे बुनियादी ढांचे और जिसे विकास कहा जाए, वे सारे काम भाजपा ने किए हैं।

प्रस्ताव में कहा गया कि हाल में राज्यसभा में ओबीसी को संवैधानिक दर्जा देने के खिलाफ राज्यसभा में मत देकर कांग्रेस ने उस बिल को गिरा दिया। स्वाभाविक ही देश भर के पिछड़े समूहों में कांग्रेस के इस कृत्य के खिलाफ तीव्र आक्रोश है। छत्तीसगढ़ भी कांग्रेस के इस कृत्य से दुखी है, प्रदेश की यह कार्यसमिति कांग्रेस के इस दोहरे रवैये की निंदा करती है, पार्टी यह आश्वस्ति देती है कि विपक्ष के अनेक ऐसे अवरोधों के बावजूद भाजपा सभी वंचित वर्गो को उनका अधिकार दिलाने में इसी तरह जी-जान से जुटी रहेगी।

कहा गया कि केरल, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा की सरकारें लोकतंत्र में विश्वास नहीं करतीं। इन प्रदेशों में लगातार स्वयंसेवकों और भाजपाजनों के खिलाफ विरोधी दलों की हिंसा जारी है। केवल केरल में ही पिछले सालभर के दौरान चौदह भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कितने वामपंथियों को मार गिराया, यह बताना जरूरी नहीं समझा गया। कहा गया कि प्रदेश की यह कार्यसमिति इस हिंसा की कड़ी भर्त्सना करती है।

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