मुख्यमंत्री चौहान ने बुधवार को मंदसौर जिले के भानपुरा में सिंचाई परियोजना की शुरुआत करते हुए कहा, “उनकी सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है, मगर कुछ लोग भ्रम फैलाकर माहौल को अशांत करना चाहते हैं, ऐसे लोगों के मंसूबे पूरे नहीं होने दूंगा, मर जाऊंगा, मगर प्रदेश को जलने नहीं दूंगा।”
ज्ञात हो कि राज्य में किसानों को वाजिब दाम दिलाने के मकसद से शुरू की गई भावांतर भुगतान योजना को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ रहा है, क्योंकि व्यापारी कम कीमत पर उपज खरीद रहे हैं।
चौहान ने आगे कहा, “हमारा प्रदेश अब सतत विकास की नई मिसाल बनेगा। विकास का कारवां अब नहीं रुकेगा। हमने तय किया है कि प्रदेश में विकास की तेज रफ्तार को अब किसी भी सूरत में रुकने नहीं देंगे। मप्र में हो रहा विकास अब राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना, पहचाना और सराहा जा रहा है।”
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “मध्यप्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। हमारी विकास दर 10 प्रतिशत से ऊपर है। कृषि विकास दर पिछले पांच सालों से 20 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। पहले प्रदेश के केवल 7़50 लाख हेक्टेयर में ही सिंचाई होती थी। पिछले 10 सालों में रकबा बढ़कर अब 40 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।”
मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के बारे में चौहान ने कहा, “यह योजना लगातार जारी रहेगी। इस योजना में यदि किसान की फसल समर्थन मूल्य से कम मूल्य पर बिक रही हो, तो समर्थन मूल्य और मॉडल मूल्य (जो सरकार तय करेगी) के अन्तर की राशि संबंधित किसान के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी।”
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