भोपाल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में किसानों को वाजिब दाम दिलाने के लिए अमल में लाई गई भावांतर भुगतान योजना में उपज बेचने वाले किसान भ्रम में हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि भावांतर योजना में पंजीकृत किसानों द्वारा 16 से 31 अक्टूबर के दौरान विक्रय की गई फसलों के भावांतर की राशि आगामी दो सप्ताह में उनके बैंक खातों में पहुंच जानी चाहिए।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, चौहान ने भावांतर योजना की समीक्षा के दौरान मंत्रालय में अधिकारियों से कहा कि भुगतान की ऐसी व्यवस्था की जाए कि एक ही क्लिक में समस्त खातों में राशि का हस्तांतरण हो जाए। साथ ही भुगतान की सूचना पंजीकृत किसानों को एसएमएस के माध्यम से भी दी जाए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की समस्त मंडियों में फसलों की बिक्री संबंधी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनीटरिंग की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि फसलों की बिक्री उचित मूल्य पर हो। भावांतर योजना किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने की सर्वश्रेष्ठ पहल है। उसका लाभ किसानों को मिले, इस कार्य की नियमित मॉनीटरिंग होती रहे।
उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए आगे आएं। किसी प्रकार के बहकावे में नहीं आएं।
बैठक में बताया गया कि भावांतर योजना में पंजीकृत पात्र एक लाख 17 हजार 500 किसानों द्वारा 16 से 31 अक्टूबर के मध्य मंडी में 35 लाख क्विंटल फसलों का विक्रय किया गया है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के बैंक खातों में लगभग 167 करोड़ 42 लाख की भावांतर की राशि जमा की जाएगी।
यह भी बताया गया कि जो किसान अपनी फसल का भंडारण करना चाहते हैं और बाद में उचित मूल्य मिलने पर फसल की बिक्री करना चाहते हैं, उनको लाइसेंसी गोदाम में भंडारण करने पर प्रति क्विंटल प्रति माह नौ रुपये 90 पैसे का अनुदान शासन द्वारा दिया जाएगा।
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