आयकर विभाग को पता चला है कि ओखला में तैनात एटा निवासी अधीक्षण अभियंता राजेश्वर सिंह यादव ने अपना कालाधन कई कंपनियों में लगाया है। अब उसके खिलाफ लिंक सर्वे का दायरा बढ़ सकता है। अभी भी अरबों रुपये की अचल संपत्ति और कंपनियों में लगाने के साक्ष्य मिल रहे हैं। आगरा में शुक्रवार से ही गाजियाबाद आयकर विभाग की टीम कई जगह कार्रवाई कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, आगरा में राजेश्वर सिंह यादव के आवास, ससुराल सहित छह ठिकानों पर छापामार कार्रवाई में डायरियां और कंप्यूटर मिला है। इनमें कई नेताओं, जमीन कारोबारियों और अन्य लोगों के नाम लिखे हैं। अधीक्षण अभियंता से जुड़े कई चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और प्रॉपर्टी डीलर भी संदेह के घेरे में हैं।
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