नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों को प्रभावी पुलिसिंग के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का आग्रह किया। उन्होंने प्रौद्योगिकी को एक चुनौती, लेकिन इसे शासन का एक औजार बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी के प्रसार से अपराध के भी नए द्वार खुल जाते हैं। साथ ही, इससे पुलिस भी अपना काम करने में ‘ज्यादा सक्षम’ बन जाती है।
सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के 2016 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षुओं को राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी नागरिकों को पुलिस के साथ बातचीत करने में सक्षम बनाती है। कंप्यूटर और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके लोग घर से भी शिकायतें दर्ज करवाते हैं।
कोविंद ने प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों से इस प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने की अपील की। उनका कहना था कि आदर्श पुलिस तंत्र वह है, जिसमें नागरिकों को पुलिस थाने का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होती है और पुलिस उन्हें उचित सेवा प्रदान करती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय पुलिस देश के प्रशासनिक तंत्र का एक स्तंभ है और उसे कानून के शासन और लोकतांत्रिक राजनीति के एक आम सिद्धांत को बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए।
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