मप्र : कन्या छात्रावासों, स्कूलों के पास की शराब दुकानें बंद होंगी

भोपाल, 14 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में छेड़छाड़ और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं ने राज्य सरकार की नींद उड़ा दी है। सरकार के साथ पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं हालात की समीक्षा करने को मजबूर हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कन्या छात्रावासों, धार्मिक स्थलों और स्कूलों के आसपास की शराब दुकानें बंद की जाएं।

भोपाल, 14 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में छेड़छाड़ और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं ने राज्य सरकार की नींद उड़ा दी है। सरकार के साथ पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं हालात की समीक्षा करने को मजबूर हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कन्या छात्रावासों, धार्मिक स्थलों और स्कूलों के आसपास की शराब दुकानें बंद की जाएं।

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, महिला अपराधों पर नियंत्रण के संबंध में सोमवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने अफसरों को निर्देश दिए कि उन कन्या छात्रावासों, धार्मिक स्थलों और स्कूलों की सूची बनाई जाए, जिनके आसपास शराब दुकान है और कार्रवाई की जाए। शराब दुकानों के अहाते तुरंत बंद कराए जाएं। युवाओं में जागरूकता लाने के लिए स्कूलों-कॉलेजों में विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री चौहान ने पिछले सप्ताह इस संबंध में हुई बैठक के निर्णयों के पालन में की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेज और लोक परिवहन की बसों में जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसका पालन नहीं करने वाली संस्थाओं की मान्यता निरस्त की जाए।

महिला छात्रावासों के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी लगाए जाएं। महिला अपराध के प्रकरणों में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जाए और चिकित्सकों में संवेदनशीलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के अमले को प्रशिक्षित किया जाए।

पुलिस विभाग द्वारा महिला अपराधों की रोकथाम के लिए महिलाओं से विशेष संपर्क कार्यक्रम के तहत स्कूलों-कॉलेजों में संपर्क किया जा रहा है। इसके तहत दो सप्ताह में करीब ढाई लाख महिलाओं-युवतियों से संपर्क किया जाएगा। महिला अपराध तुरंत पंजीकृत हों, इसके लिए पुलिस के मैदानी अमले को अगले तीन माह में व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में चल रहे इस तरह के प्रकरणों की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल बसों में महिला परिचालक की उपस्थिति अनिवार्य करने तथा चालकों के चरित्र सत्यापन के लिए परिवहन विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी स्कूलों में ‘गुड टच – बैड टच’ के बारे में फिल्म दिखाकर बच्चों को जागरूक किया जाएगा। महिला अपराधों की आपातकालीन शिकायत के लिए 100 और 1090 हेल्प लाइन पर दर्ज प्रकरणों की लगातार समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री चौहान की महिला अपराधों पर नियंत्रण के संबंध में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव बी़पी़ सिंह और पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे।

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