नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गुरुवार को नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) को निर्देश देते हुए यह बताने को कहा है कि उनके पास कितनी मात्रा में फसलों के अवशेष (खूंटी) हैं। एनजीटी ने एनटीपीसी से यह भी पूछा है कि अवशेषों को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बिजली संयंत्रों में कोयले के साथ कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
अधिकरण ने एनटीपीसी से उसके उत्तर प्रदेश में छह और हरियाणा में एक ऊर्जा संयंत्रों में कोयले की होने वाली कुल खपत के बारे में भी पूछा है।
अधिकरण ने हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से पौधों की व्यवहार्यता पर कानूनी निर्देश लाने के लिए कहा। जिसके तहत कृषि अवशेषों को इकट्ठा कर उसे ईंधन के स्रोत में परिवर्तित किया जा सकेगा।
न्यायधीश स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एनजीटी की बेंच ने यह निर्देश फसलों के अवशेष जलाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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