नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गुरुवार को दिल्ली के सभी स्कूलों और कॉलेजों को दो महीने के अंदर अपने परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाने का निर्देश दिया है, ऐसा करने में नाकाम रहने पर उन्हें बतौर पर्यावरण मुआवजा 5 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।
न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक एनजीटी बेंच ने दिल्ली सरकार को तीन दिनों के भीतर सभी निजी और सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को नोटिस जारी करने के लिए कहा है।
कुमार ने कहा, “कोई भी संस्थान निर्देशन का पालन नहीं करता है तो उसे पांच लाख रुपये बतौर पर्यावरण मुआवाजा भुगतान करना होगा।”
एनजीटी ने कहा कि जिन संस्थानों में ऐसी स्थापना संभव नहीं है उन्हें इस आदेश से छूट दी जाएगी।
हालांकि, उन्हें एनजीटी द्वारा गठित एक समिति से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। उन संस्थानों को समिति द्वारा सीमांकित पड़ोसी क्षेत्र में वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना करनी होगी।
समिति में दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी होंगे।
समिति वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना में आने वाली दिक्कतों से निपटने के लिए एक महीने में दो बार मुलाकात करेगी।
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