‘ढाचे ढहाने में हाथियों का इस्तेमाल प्रतिबंधित हो’

नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। एक पशु कल्याण कार्यकर्ता ने केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री हर्षवर्धन से आग्रह किया है कि अवैध ढांचे ढहाने के काम में हाथियों का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

यह मांग ऐसे समय में आई है, जब असम सरकार ने अमचांग वन्यजीव अभ्यारण्य में अतिक्रमणकारियों द्वारा निर्मित अवैध बस्तियों को ढहाने के लिए सोमवार को हाथियों का इस्तेमाल किया था।

हर्षवर्धन के यहां मंगलवार को दाखिल याचिका में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड में पशु कल्याण में मास्टर ट्रेनर आजम सिद्दीकी ने कहा है कि ढांचे ढहाने के लिए बंदी हाथियों का इस्तेमाल जानवर व जनता के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि ये ढांचे अर्ध कंक्रीट/कंक्रीट व बॉस के बने होते हैं, जिनकी छतें नालीदार लोहे की चादरों से बनी होती है, जो बेहद खतरनाक होती हैं।

सिद्दीकी ने कहा, “एक हाथी को इस कठिन कार्य के लिए मजबूर करना पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत क्रूरता में आता है। चूंकि यह देखा जाता है कि पशु को महावत द्वारा ढाचों को गिराने के लिए बाध्य किया जाता है, जिसे अंकुश द्वारा प्रेरित किया जाता है।”

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