यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बुधवार को यहां बताया, “मुख्यमंत्री ने दमन व दीव की राजधानी दमन में उद्योगपतियों एवं निवेशकों से मुलाकात कर उन्हें इस समिट में भाग लेने का आमंत्रण दिया है। इस समिट में बड़ी संख्या में देश-विदेश के निवेशक, उद्यमी, बैंकर्स व अन्य प्रतिनिधि भाग लेंगे।”
योगी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उप्र औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति, 2017 को लागू कर इसके माध्यम से निवेशकों को कई प्रकार का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उप्र को देश का सबसे बड़ा बाजार बताते हुए कहा कि निवेशकों की सुविधा के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया गया है, जिसमें कई उद्योगपतियों को भी सम्मिलित किया गया है। राज्य की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ तेजी से आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने बैठक में बताया, “उप्र जैसे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, डेयरी, नागरिक उड्डयन, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, आईटी, लघु एवं मध्यम उद्योग व ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के बड़े बाजार व राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे निवेश अनुकूल माहौल के फलस्वरूप राज्य में उनका निवेश लाभकारी सिद्ध होगा।”
भेंट के दौरान उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष ओपी तिवारी, महासचिव पंकज जैसवाल, राज नारायण तिवारी (सेवा एवं विनिर्माण उद्योगपति), के.एम. श्रीवास्तव (विनिर्माण उद्योगपति), राजेश सिंह ( सेवा एवं विनिर्माण उद्योगपति) सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
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