नई दिल्ली, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय पोषण मिशन को मंजूरी दे दी, ताकि किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों के लिए समग्र विकास और जरूरी पोषण सुनिश्चित हो सके।
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करानेवाली माताओं को जरूरी पोषण मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कुपोषण और ठिगनेपन को खत्म किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि यदि मिशन सही रास्ते पर रहा, तो इस मिशन का नतीजा एक साल में दिखने लगेगा।
गांधी ने कहा कि कुपोषण से लड़ने में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें सॉफ्टवेयर का विकास तथा 50,000 आंगनवाड़ी केंद्रों में इसकी तैनाती शामिल है।
मंत्रालय ने एक रियल-टाइम (वास्तविक समय में) निगरानी प्रणाली आईसीडीएस-सीएएस विकसित किया है, ताकि पोषण लक्ष्यों और आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता की निगरानी की जा सके।
मंत्रालय ने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान करा रही माताओं और किशोरियों की पोषण संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय आवंटन बढ़ाया जा रहा है।
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