दतिया, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के दतिया जिले की पहचान ऐतिहासिक धरोहर संपन्न जिले के तौर पर है। यहां एक तरफ विशाल किले हैं तो दूसरी ओर धार्मिक स्थल। यहां 1200 से अधिक सरकारी मंदिर भी हैं। प्रशासन ने इन मंदिरों का ऑडिट कर भौतिक और वित्तीय संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के निर्देश दिए हैं।
दतिया, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के दतिया जिले की पहचान ऐतिहासिक धरोहर संपन्न जिले के तौर पर है। यहां एक तरफ विशाल किले हैं तो दूसरी ओर धार्मिक स्थल। यहां 1200 से अधिक सरकारी मंदिर भी हैं। प्रशासन ने इन मंदिरों का ऑडिट कर भौतिक और वित्तीय संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के निर्देश दिए हैं।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार गुप्ता ने सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले में करीब 1200 से अधिक शासकीय मंदिर हैं जिनके पास काफी संपत्ति है। सभी तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र के मंदिरों को न केवल सूचीबद्घ करें बल्कि उनका ऑडिट कराकर भौतिक एवं वित्तीय ब्यौरा भी प्रस्तुत करें।
बता दें कि शासकीय मंदिर उन मंदिरों की श्रेणी में आते हैं जिनमें तैनात पुजारियों को सरकार की ओर से मानदेय दिया जाता है। साथ ही ये मंदिर रियासत कालीन अथवा राजस्व भूमि पर स्थित हैं।
अपर जिलाधिकारी गुप्ता ने यह भी निर्देश दिए कि आदि गुरू शंकराचार्य की मूर्ति के संग्रह के लिए धातु इकट्ठा करने और जागृति लाने के लिए निकल रही एकात्म यात्रा पांच जनवरी 2018 में जिले में प्रवेश करेगी इसलिए सभी अधिकारी व अन्य व्यक्ति अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
गुप्ता ने नगर पालिका भाण्डेर तथा नगर पालिका दतिया के संबंध में लोकायुक्त कार्यालय में प्रचलित जांच के संबंध में जवाब पत्र शीघ्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्प लाईन, जन सुनवाई व त्रिमासिक बैठक से संबंधित जितने भी आवेदन पत्र लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। गुप्ता ने विभिन्न विभागों में अधिक समय से लंबित मामलों की अलग से समीक्षा कर अंसतोष जताया।
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