लॉस एंजेलिस, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने फिल्म उद्योग में सामने आए यौन उत्पीड़न के मामलों के मद्देनजर अपने सदस्यों के लिए ‘मानक व्यवहार’ तय किए जाने की पुष्टि की है।
वेरायटी डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, एकेडमी के सीईओ डॉन हडसन ने गुरुवार को संगठन के सदस्यों को इस बाबत पत्र भेजे हैं।
जॉर्ज टाउन, हार्वर्ड, नॉट्रे डेम व स्टैनफोर्ड के नैतिकता, व्यवसाय, दर्शन और कानून के प्रोफेसरों के साथ-साथ मानव संसाधन और यौन उत्पीड़न के विशेषज्ञों से परामर्श के बाद टास्क फोर्स ने ‘मानक व्यवहार’ तय किए हैं।
वेरायटी डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, समूह ने टेलीविजन और ब्रिटिश अकादमी में अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की और संदर्भ के लिए, एएफआई, फिल्म इंडिपेंडेंट और यूसीएलए समेत अन्य संगठनों के मानक व्यवहार की भी समीक्षा की।
हडसन ने कहा, “बहुत कुछ किया जाना बाकी है। टास्क फोर्स दुर्व्यवहार के आरोपों से निबटने के लिए प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देगा और आश्वस्त करेगा कि हम ऐसे मामलों का हल शीघ्रता से कर सकते हैं। उन प्रक्रियाओं को आपके पास नए साल में भेजा जाएगा।”
एकेडमी ने ‘मानक व्यवहार’ के अपने बयान में कहा, “अकादमी की सदस्यता एक विशेषाधिकार है जो वैश्विक समुदाय के भीतर केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही पेश की जाती है। मोशन पिक्चर कला और विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अलावा सदस्यों को मानवीय गरिमा, समावेश और सम्मानपूर्ण वातावरण के साथ अकादमी के मूल्यों को कायम रखने के लिए नैतिकता से भी व्यवहार करना चाहिए।”
पत्र के जरिए, संगठन ने अपने सदस्यों से पूछा है कि क्या वे “इन सिद्धांतों को स्वीकारने और इन सिद्धांतों का उल्लंघन होने पर कार्य की अपनी जिम्मेदारी को अपनाते हैं।”
हॉलीवुड निर्माता हार्वे विंस्टीन के खिलाफ यौन उत्पीड़न और हिंसा के बढ़ते आरोपों की खबरों के बाद एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने उन्हें अक्टूबर में निर्वासित कर दिया था।
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