नई दिल्ली, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा कि अमेरिका द्वारा जेरुसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दिए जाने के निर्णय की भर्त्सना भारत सरकार की ओर से नहीं किए जाने से ‘मोदी सरकार की चाटुकारिता की हद का पता चलता है।’
माकपा ने कहा कि पार्टी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के दूतावास को तेल अवीव से स्थानांतरित कर जेरुसलम करने के फैसले का कड़ाई से विरोध करती है।
माकपा ने एक बयान जारी कर कहा, “यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के पक्ष के विरुद्ध है, जिसमें पूर्वी जेरुसलम को वर्ष 1967 से इजरायल द्वारा कब्जा किया हुआ क्षेत्र बताया गया है। एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य और पूर्वी जेरुसलम इसकी राजधानी एक अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त स्थिति है।”
बयान के अनुसार, “अमेरिका का यह कदम इजरायल द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने को वैध ठहराने जैसा कदम है। विश्व के किसी भी देश ने अब तक जेरुसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता नहीं दी है।”
माकपा ने कहा, “पूरे विश्व से ट्रंप के इस कदम की निंदा हो रही है, इसके बावजूद भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के निर्णय की सतर्कतापूर्ण तरीके से आलोचना करने से इनकार कर दिया। यह मोदी सरकार की अमेरिका के प्रति चाटुकारिता की हद दिखाता है।”
माकपा ने मोदी सरकार को अमेरिका के कदम की जोरदार आलोचना करने को कहा, क्योंकि यह फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की लंबी प्रतिबद्धता के विरुद्ध है।
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