इस अवसर पर राज्यपाल ने एक स्मारिका का विमोचन किया और निधि में कुछ दान भी दिया। ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर अंशदान देने की परंपरा है। इस धन का उपयोग पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के आर्थिक कष्ट निवारण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।
अंशदान कर नाईक ने कहा कि अंशदान से हम देश के सशस्त्र सेनाओं के समस्त सैनिकों एवं उनके परिवार के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित कर सकते हैं तथा उनके प्रति कृतज्ञता और आत्मीयता भी प्रकट कर सकते हैं। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि वे पूर्व सैनिकों, विकलांग सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के परिवार के कल्याण हेतु आर्थिक सहयोग देकर इस उत्कृष्ट परंपरा के सहभागी बनें।
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