नई दिल्ली, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर के वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र को 18 महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया। इस अवधि के बाद ठेकेदारों से 50,000 रुपये प्रति दिन वसूला जाएगा।
श्रीनगर जिले के अचन में पांच मेगावाट के बिजली संयंत्र में बॉयोमास का इस्तेमाल बिजली बनाने में किया जाना है।
एनजीटी ने मंगलवार को मामले को निपटाते हुए कहा कि अचन में संयंत्र पर निर्माण कार्य राज्य सरकार के साथ बिजली खरीद समझौते(पीपीए) पर हस्ताक्षर होने के एक हफ्ते के भीतर शुरू होना चाहिए।
इसकी प्रक्रिया 2013 में शुरू होने के बाद से कई ठेकेदारों ने अलग-अलग कारणों से कार्य को अधूरा छोड़ दिया।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार ने आदेश में कहा, “पीपीए पर हस्ताक्षर करने के 18 महीनों के भीतर संयंत्र को पूरा करें।”
पीठ ने कहा कि अवधि के बाद जुर्माना लागू किया जाएगा। पीठ ने कहा, “अनुबंध के 18 महीने की अवधि के बाद 50,000 रुपये प्रति दिन पर्यावरण मुआवजे के तौर पर लिया जाएगा।”
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