पणजी, 13 दिसम्बर (आईएएनएस)। गोवा में लमाणियों, खानाबदोश आदिवासी समुदाय के सदस्यों, घुमक्कड़ों व फेरीवालों पर समुद्र तटों पर घूमने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, ताकि उनसे पर्यटकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। यह जानकारी बुधवार को प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने गोवा विधानसभा को दी।
पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर ने कांग्रेस विधायक फ्रांसिस्को सिल्वेरा की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात बताई। सिल्वेरा ने पूछा था कि क्या सरकार पर्यटकों को उत्पीड़न से बचाने के लिए गोवा बीच पर लमाणियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाएगी।
अजगांवकर ने कहा, “हां, कोई व्यक्ति जो पर्यटकों को तकलीफ पहुंचाएगा व पर्यटन में बाधा डालेगा, उसे वैसा नहीं करने दिया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि उत्तर व दक्षिण गोवा के समुद्र तटों पर घुमक्कड़ों, फेरीवालों और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए विभाग की ओर से वहां भारतीय रिजर्व बटालियन के जवानों, पर्यटक संरक्षकों और पर्यटक सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।
लमाणी राजस्थान, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के खानाबदोश समुदाय से आते हैं, जो हजारों साल से गोवा में बसे हुए हैं। तटीय क्षेत्र में इस समुदाय के लोग कई प्रकार के व्यवसाय में शामिल हैं।
इस साल मई में गोवा में निवास करने वाले लमाणी समुदाय के लोगों ने अजगांवकर के बयान का विरोध किया था, जिन्होंने इनपर प्रबिंध लगाने की मांग की थी। उन्होंने दावे के साथ कहा था कि समुदाय के लोग बीच पर फेरी लगाकर सामान बेचते हैं। अजगांवकर ने बाद में कहा था कि उनके बयान का गलत अर्थ लगाया गया।
गौरतलब है कि गोवा में हर साल साठ लाख से ज्यादा पर्यटक आते हैं, जिनमें पांच लाख से अधिक विदेशी होते हैं।
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