सर्वदलीय बैठक में बुधवार को दीक्षित ने सभी दलीय नेताओं से आग्रह एवं अनुरोध किया है कि सभी लोग अपना-अपना पक्ष सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के साथ रखें।
उन्होंने कहा, “दुनिया के लोकतंत्रीय देशों में पक्ष होता है। विपक्ष होता है। वाद-विवाद, सहमतियां और असहमतियां, तर्क -वितर्क होते हैं। सहमति और असहमति दोनों जिस बिंदु पर मिलते हैं, वहीं जनतंत्र मजबूत होता है।”
उन्होंने कहा कि जनतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी सत्ता एवं विपक्ष दोनों की है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “पक्ष और विपक्ष दोनों का लक्ष्य एक होता है। इस प्रदेश की जनता के हित में अपनी बात को अपनी विचाराधारा के अनुरूप पृथक रूप से शालीनतापूर्वक कह सकते हैं। यह सदन उप्र की 22 करोड़ जनता के स्पंदन व जनभावनाओं का भाग्य विधाता है।”
सर्वदलीय बैठक में सदन के नेता व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सदन की बैठकें नियमित और अधिक से अधिक दिन तक हों।
उन्होंने कहा, “हमें सदन में स्वस्थ बहस और शालीनतापूर्वक एवं सौम्य ढंग से अपनी बात रखनी चाहिए और अच्छी व स्वस्थ परंपराओं का सृजन करना चाहिए।” उन्होंने व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से सदैव बचने की अपील की।
14 दिसंबर से शुरू विधानसभा का सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा। सदन में 18 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2017-18 के अनुपूरक अनुदानों की मांगों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
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