सपा और कांग्रेस के सदस्य बिजली मूल्यों में की गई वृद्धि के विषय पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। वहीं अध्यक्ष का कहना था कि प्रश्नकाल के बाद नियमों के तहत चर्चा करा ली जाएगी। बावजूद इसके विपक्ष हंगामा कर रहा था। ऐसे में सदन को अव्यवस्थित देख अध्यक्ष को तीन बार में पूरा प्रश्नकाल स्थगित करना पड़ा।
विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुई। नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी ने सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरों के विषय पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराए जाने की मांग की।
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने भी वेल में नियम-311 के तहत चर्चा कराये जाने की मांग की और कहा कि जनता ने यहां हमे चर्चा करने के लिए चुनकर भेजा है।
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विपक्ष को समझाते हुए प्रश्नकाल के बाद चर्चा कराए जाने का आश्वासन दिया, लेकिन सपा और कांग्रेस के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। बसपा के सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे।
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सपा की सरकार में लड़कियों के नाम बिजली रखे जाते थे, लेकिन बिजली देखने को नहीं मिलती थी।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पहले की सरकारों में बिजली के मूल्यों में वृद्धि की जाती थी, अब बिजली की सप्लाई में वृद्धि की जा रही है।
उन्होंने कहा, “चर्चा करनी है तो लोकतांत्रिक तरीके से की जानी चाहिए। अब हम इन्हें इनकी भाषा में जवाब देंगे। योगी जी की सरकार इनके नकाब उतारेगी।”
श्रीकांत ने कहा, “हमने गरीबों को मुफ्त में बिजली के कनेक्शन दिए हैं। आगे एक करोड़ 57 लाख लोगों को बिजली देंगे। 6.74 रुपये की बिजली गरीबों को तीन रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है।”
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू वेल में जाकर गीता गया- ‘रघुपति राघव राजाराम, योगी सरकार को सन्मति दे भगवान’।
सदन को अव्यवस्थित देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले 10 मिनट, फिर 15 मिनट और उसके बाद पूरा प्रश्नकाल 12.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
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