नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)।स्वतंत्र फिल्म निर्माता पुष्पेंद्र सिंह कहते हैं कि उनकी फिल्म ‘अश्वत्थामा’ धर्म के दुरुपयोग और किसी व्यक्ति के जीवन में इसके सहयोग को दिखाती है।
इस फिल्म को पूरी तरह से ब्लैक एंड व्हाइट मोनोक्रोम में शूट किया गया है। यह फिल्म नौ साल के एक बच्चे इच्छ्वाकु (आर्यन सिंह) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मां की डकैतों द्वारा हत्या किए जाने के बाद अपने संबंधियों के साथ सर्दियां बिता रहा है। संवेदनशील बच्चे का व्यक्तित्व उससे मिलने वाले लोगों से बनता है।
फिल्म की अवधारणा के बारे में सिंह ने आईएएनएस से कहा, “यह धर्म के साथ शुरू होती है.. हम धर्म को कैसे देखते हैं, जिस तरह से हमें यह आकार देता है व प्रभावित करता है। यह सब मेरे संस्मरण से है। मेरा जन्म चंबल में हुआ, वही पला बढ़ा। यह पूरी फिल्म खुद से एक संवाद की तरह है। मैं कैसे प्रभावित हुआ..इसने कैसे मुझ पर कभी नकारात्मक तो कभी सकारात्मक असर डाला।”
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