भोपाल, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता जैसे मुद्दों पर सामाजिक जागरूकता और व्यवहार में परिवर्तन लाना तब तक संभव नहीं होता, जब तक कि समाज की इस प्रक्रिया में भागीदारी न हो। यह अनुभव है चेंज लूमर्स कहे जाने वाले हरदा के युवाओं का।
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के उन युवाओं को चेंज लूमर्स कहा जाता है, जिन्होंने ‘यूथ फॉर चिल्ड्रन’ के तहत मैदानी स्तर पर कार्य किया तथा बड़े सामाजिक परिवर्तन के माध्यम बने। यह वह समूह है जो सामाजिक चेतना जगाने का काम कर रहा है। अपनी इस यात्रा के अनुभवों को उन्होंने मंगलवार को यहां आयोजित कार्यक्रम ‘यूथसव’ में साझा किया। इस पहल के लिए उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हरदा की संस्था सिनर्जी ने यूनिसेफ के सहयोग से किया था।
हरदा में यूथ फॉर चिल्डन अभियान को ‘सिनर्जी’ संस्था ने संचालित किया है। सिनर्जी के अजय पंडित और विमल जाट ने आरंभ में पूरे अभियान तथा उसकी सफलता के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि कैसे समाज के ही सक्रिय युवाओं के संग मिलकर सामाजिक परिवर्तन किया गया। उन्होंने इस कार्य के दौरान हुए अनुभवों केा साझा किया।
हरदा में चेंज लूमर्स के रूप में काम करने वाले युवाओं धीरज गौर, शिवानी अग्रवाल, राकेश यादव, विवेक पर्ते, राजेंद्र कलम, रीतेश गौर, अंजलि इवने, आनंद शर्मा, धनश्याम बघेल, रीतेश तिवारी, अकरम खान, आयुषी अग्निहोत्री ने भी अपने कार्यों के अनुभवों को नाटक, गीत और नृत्यों के जरिए बताया।
आनंद शर्मा नवजात बच्चों की देखभाल के क्षेत्र में कार्य करते हैं। अंजलि शिक्षा के क्षेत्र में तथा अकरम नृत्य के माध्यम से सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे चेंज लूमर्स के रूप में सामाजिक परिवर्तन हुआ तथा वे भी किस तरह परिवर्तित हुए।
इन अनुभवों को सुनकर बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था यूनिसेफ के मप्र प्रमुख माइकल जुमा ने कहा कि ये युवा वास्तव में परिवर्तन के कारक हैं। इनका संदेश तथा सफलता अन्य युवाओं तक पहुंचना चाहिए।
यूनिसेफ के शिक्षा विशेषज्ञ एमए जामी तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. वंदना भाटिया ने युवाओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन युवाओं ने कुछ ही माह में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने का कार्य किया है। परिवर्तन की इस गति को बनाए रखना है।
यूनिसेफ मप्र के संचार विशेषज्ञ अनिल गुलाटी पूरे अभियान के दौरान युवाओं द्वारा किए जा रहे कार्यो के साक्षी रहे। गुलाटी ने कहा कि उन्होंने युवाओं की परिवर्तन की इस यात्रा को करीब से देखा है। युवाओं ने सामाजिक बदलाव लाने के बड़े महत्वपूर्ण कार्य को सकारात्मकता के साथ किया है। इनका संदेश समाज में सहजता से स्वीकार किया गया है।
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